हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है ।

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है । 
माटी से अनुपम प्यार है । माटी से अनुपम प्यार है । 

इस माटी पर जन्म लिया था, दशरत नंदन राम ने । 
इस माटी पर गीता गायी, युद्धकुल भूषण श्याम ने । 
इस माटी के आगे झुकता, मस्तक बारम्बार है ।। 

हमको अपनी_ _ _ _ _ _ _ _ 

इस माटी की गौरव गाथा गायी राजस्थानी ने । 
इसे बनाया वीरो ने, अपने पवन बलिदान से । 
मीरा के गीतों की, इसमें छिपी हुई झंकार हे ।। 

हमको अपनी _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ _ 

कण - २ मंदिर इस माटी का कण - २ में भगवान है । 
इस माटी का तिलक करो, यह मेरा हिंदुस्तान है । 
इस माटी का रोम रोम पहरे दार है ।। 

हमको अपनी _ _ _ _ _ _ _ _ _ 

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