भारतमाता तेरा आँचल हरा भरा धानी धानी

 भारत माता तेरा आँचल, हरा भरा धानी धानी। 
मीठा मीठा चम् चम् करता, तेरी नदियों का पानी।।
हरी हो गयी बंजर धरती, नाचे झरनों में बिजली ।
सोना चांदी उगल रहे है, तेरी नदियों का पानी ।।1।।

भारत माता तेरा आँचल, हरा भरा धानी धानी
तेरा मन बढ़ाने वाले, है तेरे जग के रखवाले ।
तेरे ऊँचे ऊँचे पर्वत, निडर बहादुर सेनानी ।।2।।

भारत माता तेरा आँचल, हरा भरा धानी धानी 
मस्त हवा जब लहराती है, दूर दूर तक पहुंचाती है ।
मन को मीत बनाने वाली, मधुर मधुर तेरी वाणी ।।3।।

भारत माता तेरा आँचल, हरा भरा धानी धानी 
जीवन पुष्प चढ़ा चरणों में, मांगे मातृ भूमि से यह वर।
तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहे ना रहे ।।4।।

भारत माता तेरा आँचल, हरा भरा धानी धानी ।
मीठा मीठा चम् चम् करता, तेरी नदियों का पानी ।।

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