जीवन में सुख दुख का,आना जाना नित्य चले
जीवन में सुख दुख का,आना जाना नित्य चले
आना जाना सतत चलें ।। ध्रु.।।
आना जाना सतत चलें ।। ध्रु.।।
हम अपना चैतन्य जगाएं,हम अपना सामर्थ बढ़ाएं।
हम अपना कर्तव्य निभाएं,घर-घर मंगल दीप जले।
हर घर मंगल दीप जले।। १।।
हर घर मंगल दीप जले।। १।।
सुख में लिप्त नहीं होना,दुःख में हिम्मत न खोना।
धीर-वीर गंभीर बने हम,सारे संकट विघ्न टले।।२।।
सुख में भी सब को जोड़ें,दुःख में साथ नहीं छोड़ें।
सुख दुःख की समवेत शक्ति से,अपने सब उद्योग फले।।३।।
सुख में न जागे अभिमान,दुःख में न भूले निजभान।
अच्छा मारग कभी न त्यागे,धर्म का मारग कभी न त्यागे।
धर्म का मारग कभी न त्यागे,अनगिन आये कष्ट भले।।४।।
सुख में सुंदर देख गगन,दिव्य भास्कर दिव्य किरण।
धरती वायु पावन जल से,युग- युग से सब जीव पले।।५।।
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